बिलासपुर पुलिस की सराहनीय पहल: माहवारी को लेकर जागरूकता बढ़ाने विशेष कार्यशाला आयोजित
बिलासपुर, 13 जून 2026 । महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषय माहवारी (पीरियड्स) को लेकर समाज में फैली गलत धारणाओं और झिझक को दूर करने के लिए बिलासपुर पुलिस ने अपने “चेतना अभियान” के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यक्रम स्थानीय चेतना हॉल में जिला पुलिस बिलासपुर और बस्ता एजुकेशन एंड हेल्थ फाउंडेशन के ‘प्रोजेक्ट आरोग’ के सहयोग से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में 190 से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने माहवारी को महिलाओं के जीवन की एक सामान्य और प्राकृतिक प्रक्रिया बताते हुए इसके प्रति वैज्ञानिक सोच अपनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस विषय को शर्म या संकोच से जोड़ने के बजाय खुलकर समझने और सही जानकारी साझा करने की आवश्यकता है।

‘प्रोजेक्ट आरोग’ की संस्थापक विनिता पटेल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आज भी कई जगहों पर माहवारी को लेकर गलत धारणाएं मौजूद हैं, जिन्हें जागरूकता के माध्यम से दूर किया जा सकता है। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर समाज को संवेदनशील बनने का संदेश दिया।
कार्यशाला में मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी चर्चा में सक्रिय भागीदारी की। इस दौरान महिलाओं के प्रति सम्मानजनक और सहयोगात्मक माहौल तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कार्यस्थल और सामाजिक जीवन में महिलाओं को बेहतर सहयोग देने का संकल्प भी लिया।

पुलिस प्रशासन का मानना है कि जब पुलिस विभाग जैसे जिम्मेदार संस्थान ऐसे विषयों पर खुलकर चर्चा करते हैं, तो समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। इससे माहवारी से जुड़े मिथकों को दूर करने के साथ-साथ महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और गरिमा के प्रति लोगों की सोच में भी सकारात्मक बदलाव आता है।











